कतरास कार्यालय, जागरण टीम
कर्फ्यू में दी गयी ढील के चलते लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली। आवश्यक सामानों की खरीददारी करने के लिए लोगों की भीड क्षेत्र के बाजारो में उमड़ पड़ी। शहर में खासकर खाद्यान्न, सब्जी के अलावा नास्ता व चाय पान की दुकानों पर भीड़ अधिक थी। हालांकि आवक कम होने के चलते सब्जियों के कीमत आसमान छू रहे थे। हरी सब्जियों की दुकानें कम लगी थी। लोग खरीददारी पूरी भी नही कर पाये थे कि पूर्वाह्न में ढिलाई की समय सीमा समाप्त हो गयी। देखते हीं देखते सड़क पर सन्नाटा पसर गया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्ती से दुकानों को बंद करा दिया। बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड पर भी विरानी छाई रही। दोपहर में पुन: कर्फ्यू में ढील दिये जाने के बाद कुछ दुकानें खुली लेकिन बाजार की रौनक नही लौटी। कारण यह कि रोजमर्रा की सामनों की दुकानों को छोड़ अन्य दुकानें बंद रही। पेट्रोल पंप पर अधिक भीड़ देखी गयी। डीएसपी संजीव कुमार, जिला कल्याणपदाधिकारी शिवेंदु कुमार सिन्हा, पंचायत राज पदाधिकारी एनके लाल, इंस्पेक्टर सुनील कुमार, थानेदार शिवचंद्र सिंह सहित अन्य पुलिस बल के साथ क्षेत्र में परिभ्रमण करते देखे गये।
बाघमारा संवाददाता के अनुसार कर्फ्यू के दूसरे दिन भी बाघमारा क्षेत्र में विरानी छाई रही। पुलिस- प्रशासन की चाक चौबंद व्यवस्था से सब कुछ शांत रहा। प्रात: सात बजे से नौ बजे तक कर्फ्यू में ढील के बाद पुन: पुलिस सक्रिय हो गयी। नौ बजते ही लोग घरों में दुबक गये। बाजार बंद हो गया विधि व्यवस्था के मद्देनजर भूमि सुधार उपसमाहर्ता कुंज बिहारी पांडेय, बीडीओ प्रेम कुमार तिवारी, पुलिस इंस्पेक्टर आर शर्मा, थानेदार सैमुअल लिंडा, जेएसएस परशुराम सिंह सहित अन्य क्षेत्र में परिभ्रमण करते देखे गये। बरोरा संवाददाता के अनुसार कर्फ्यू के कारण आम जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। हरिणा, बरोरा, मुराईडीह एवं आसपास के इलाकों में बहुत कम निकले। ढील के दौरान हजारों की संख्या में लोग जरूरी की सामानों को खरीदने के लिये निकले। लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बाद दुकानें पुन: बंद करा दी गयी। महाप्रबंधक समेत अधिकारियों के आवासों पर सुरक्षा की चौकसी देखी गयी। हरिणा कालोनी में थानेदार शिव नारायण कामत स्वयं कैंप किये हुए है। लोयाबाद संवाददाता के अनुसार कर्फ्यू के दूसरे दिन दी गई ढील के दौरान खरीददारी करने वालों की भीड़ दुकानों पर उमड़ पड़ी। गल्ला, मांस, मुर्गा, सब्जी की दुकानों लोगों का तांता लगा रहा। सुबह से ही दुकानें खुली पर समय सीमा समाप्त होते हीं पुलिस द्वारा दुकानें बंद करा दी गई। इस दौरान चालीस रुपये पटल एवं बीस रुपये साग सहित मंहगे दरों में सामानों की खरीददारी की। पोस्ट आफिस, बैंक, विद्यालय बंद रहे। थानेदार जीके अंबष्ट, टुंडी के बीडीओ एवं सीओ दंडाधिकारी के रूप में पुलिस बल के साथ गश्ती करते रहे। जवानों द्वारा फ्लैग मार्च की गई। सिजुआ संवाददाता के अनुसार कर्फ्यू कर्फ्यू में ढील मिलते ही लोग घरों से निकलकर खरीददारी की। जोगता मोड़ पर लगी सब्जी दुकान पर खरीददार टूट पड़े। भीड़ का आलम यह हो गया कि कई लोगों ने सब्जी के पैसे भी विक्रेता को नही दिये। क्षेत्र के बैंक, पोस्ट आफिस एवं विद्यालयों में ताला लटका रहा। थानेदार एसएस कुजूर एवं सहायक शिक्षा प्रसार पदाधिकारी देवनाथ राम पुलिस बल के साथ इलाके में गश्ती करते दिखे। कपुरिया संवाददाता के अनुसार एनएच-32 मुख्य मार्ग पर बड़ी गाडि़यां बहुत कम चली। क्षेत्र में बंदी सा माहौल दिखा। मोड़ पर बहुत कम लोग दिखे। महुदा संवाददाता के अनुसार महुदा थाना क्षेत्र में जन जीवन सामान्य रहा। पथ पर निजी वाहनों का परिचालन देखा गया। थानेदार रविठाकुर अपने सहयोगियों के साथ इलाके में गश्ती करते देखे गये।
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